( उजला दर्पण सीनियर रिपोर्टर रामगोपाल सिंह उईके )
जबलपुर में एआई की मदद से कांवड़ यात्रा में भगड़द का फर्जी वीडियो बनाने वाला युवक गिरफ्तार, आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया मामला
जबलपुर इन दिनों सोशल मीडिया पर एआई जनरेटेड कंटेंट की भरमार है. ज्यादातर लोग इसे सच मानकर धड़ल्ले से सोशल मीडिया पर शेयर भी कर देते हैं. अगर आप भी ऐसे वीडियो को बिना कुछ सोचे समझे फॉरवर्ड कर रहे हैं या खुद से बनाते हैं, तो संभल जाइए. आपको यह गलती जेल भी पहुंचा सकती है. जबलपुर के रहने वाले कोमल कुमार वर्मा के साथ ऐसा हुआ है और इसी गलती की वजह से अब वो जेल में हैं.
कांवड़ यात्रा में भगदड़ का बनाया था वीडियो
खमरिया पिपरिया की ग्रीन सिटी में रहने वाले कोमल कुमार वर्मा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके बनाए गए इस वीडियो में शहर में निकलने वाली कावड़ यात्रा के दौरान भगदड़ का दृश्य दिखाया गया. वीडियो में एक ब्रिज के गिरने से 2 लोगों की मौत होने का सीन क्रिएट करके वीडियो को सोशल मीडिया पर डाल दिया. सोशल मीडिया पर इस तरह के भ्रामक कंटेंट की भरमार को देखते हुए कोमल वर्मा को लगा होगा कि उन्होंने ऐसा करके कोई गलती नहीं किया है.
पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया मामला
वीडियो वायरल हुआ तो जबलपुर पुलिस के संज्ञान में आया. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कोमल को हिरासत में ले लिया. जबलपुर के एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि “यह वीडियो भ्रामक जानकारी फैला रहा था. कोमल को हिरासत में ले लिया गया है, उनके खिलाफ आईटी एक्ट की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है और कठोर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की जा रही है. इसमें आईटी एक्ट के अलावा दूसरे मामले भी दर्ज किया जा रहे हैं.” पुलिस की कार्यवाही के बाद इस भ्रामक वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया.
धारा 163 के तहत हो सकती है कार्रवाई
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत कार्यवाही की जा सकती है. इसके तहत कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम, हाईक, एसएमएस. टेलीग्राम और अन्य साइट पर धार्मिक, सामाजिक, जातिगत भावनाओं और विद्वेष को भड़काने के लिए किसी भी प्रकार के संदेशों का प्रसारण करता है, तो उसे सजा हो सकती है. इस नियम के तहत ऐसे मैसेज को फॉरवर्ड करना भी गैरकानूनी है.












