महेंद्रगढ़ जिला मुख्यालय की मांग को लेकर विभिन्न सामाजिकसंगठनों ने आज एक दिन का साकेंतिक धरना दिया और एसडीएम संजीवकुमार को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापनसौंपा। साकेंतिक धरने का नेतृत्व समाजसेवी बलवान फौजी ने किया। इस मौके पर विभिन्नसामाजिक संगठनों के लोगो ने कहा कि नारनौल का अगल जिला बना दिया जाए औरमहेंद्रगढ़ को उसका हक जिला मुख्यालय दिया जाए। महेंद्रगढ़ जिला मुख्यालय की मांग को लेकर विभिन्न सामाजिकसंगठनों ने आज एक दिन का साकेंतिक धरना दिया और एसडीएम संजीवकुमार को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापनसौंपा। साकेंतिक धरने का नेतृत्व समाजसेवी बलवान फौजी ने किया। इस मौके पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगो ने कहा कि नारनौल का अगल जिला बना दिया जाए औरमहेंद्रगढ़ को उसका हक जिला मुख्यालय दिया जाए। उन्होंनेसरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने 15 दिन के अंदर महेंद्रगढ़ में समाज कल्याण विभाग काकार्यालय यहां स्थापित नहीं किया और नारनौल को अलगजिला नहीं बनाया तो वो लोग गांव-गांव जाकर आंदोलन की अलख जाएंगे। इसके बाद 10 से 15 अगस्त के बीच वो लोग लघुसचिवालय में एक बड़ा आंदोलन करेंगे जिसमें दस हजार से ज्यादा लोग शामिल होंगे। वह आंदोलन दिन रात चलेगा और तबतक चलता रहेगा जब तक सरकार उनकीमांग नहीं मान लेती।
गांव पाली के सरंपच देशराज ने बताया कि जिला मुख्यालय की मांग बहुतपुरानी है। सरकार ने अन्य जिलों की घोषणा कर दी लेकिन महेंद्रगढ़ की नहीं की।उन्होंने कहा कि 15 जुलाईतक सरकार को अंतिम एल्टीमेटम दिया। उसके बाद जन जन के पास जाकर आंदोलन का तेजकरेंगे।
यादव सभा के पूर्व प्रधान डॉ़ प्रेमराज यादव ने बताया कि निश्चितरूप से महेंद्रगढ़ को उसका हक मिलना चाहिए। पहले आंदोलन किया तो मुख्यालय की बजायदो दिन जिला स्तरीय अधिकारी बैठने के आदेश दिए थे। अब वह धीरे-धीरे एक दिन का रहगया। उपायुक्त उस दिन भी बड़ी मुश्किल से पहुंच पाती है।
बार एसोसिएशन के प्रधान संजीव यादव ने बताया कि सोमवार को बारएसोसिएशन की इस संबंध में एक मीटिंग आयोजित की गई थी। मीटिंग में एक कमेटी बनाई गईहै, यह कमेटी मुख्यमंत्री औरजो मैंबर बनाए गए हैं, उनसे भी मिलेंगे। उन्होंनेकहा कि जो भी सामाजिक संगठन इस आंदोलन को आगे बढ़ाएगी, बार उसके साथ रहेगी।










