चंडीगढ़/नई दिल्ली, पंजाब सरकार द्वारा जी न्यूज और जी मीडिया के चैनल्स पर प्रतिबंध लगाने पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री व पंजाब के भाजपा प्रभारी गजेंद्र सिंह शेखावत ने आम आदमी पार्टी व इंडी एलायंस पर तीखा हमला बोला। शेखावत ने कहा कि इंडी एलायंस का असली चेहरा सामने आ गया है। अपनी हार की खिसियाहट में इंडी एलायंस मीडिया का गला घोटने में लगा है। वैसे भी, इस ठगबंधन का मीडिया पर प्रतिबंध लगाना कोई नई बात नहीं है।
मंगलवार शाम अपनी प्रतिक्रिया में शेखावत ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी पर हार का डर साफ नजर आ रहा है। वो जमीनी सच्चाई से भयभीत है। वो नहीं चाहती कि जनता को सच पता चले। यही कारण है कि उसने जी न्यूज पर प्रतिबंध लगाया है। यह वही आम आदमी पार्टी है, जिसके मुखिया अरविंद केजरीवाल दिन-रात मीडिया की स्वतंत्रता और संविधान की दुहाई देते हैं। कमाल की बात यह है कि पंजाब में जी न्यूज पर प्रतिबंध पर इंडी एलायंस के सभी पार्टनर मौन हैं। उन्होंने कहा कि वैसे, इस ठगबंधन की मुखिया कांग्रेस का मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का पुराना इतिहास रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने राष्ट्रीय विचारधारा को दबाने और कुचलना के लिए संविधान में संशोधन कर दिया था। उन्होंने पत्रिका ऑर्गेनाइजर पर प्रतिबंध लगाया था। नेहरू के कार्यकाल में 16 किताबों को प्रतिबंधित किया गया था। कई फिल्में बैन कर दी गई थीं। इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाकर मीडिया पर न केवल प्रतिबंध लगाया था, बल्कि कई पत्रकारों को जेल में डाल दिया था।
शेखावत ने कहा कि पिछले साल सितंबर में इंडी एलायंस ने 14 न्यूज एंकरों का बहिष्कार कर दिया था, क्योंकि वो इनके नेताओ से खरे-खरे सवाल पूछते थे। महाराष्ट्र में इंडी एलायंस की सरकार ने किस तरह पत्रकारों को सताया, वो किसी से छिपा नहीं है। पश्चिम बंगाल में ममता सरकार लगातार पत्रकारों का शोषण करती आ रही है। संदेशखाली का सच दिखाने पर ममता बनर्जी ने एक रिपब्लिकन बांग्ला चैनल के रिपोर्टर को न केवल गिरफ्तार किया, बल्कि उसे शारीरिक प्रताड़ना भी दी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह वही लोग हैं, जो संविधान और लोकतंत्र की दुहाई देते हैं। अब यह स्पष्ट है कि 4 जून को इंडी एलायंस बुरी तरह हार रहा है और उसके साइड इफेक्ट अभी से दिखने लगे हैं।










