जयपुर, अपेक्स यूनिवर्सिटी की ओर से सीतापुरा स्थित अपेक्स कैम्पस में अपेक्स स्कूल ऑफ साइबर और फॉरेंसिक के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया।अपेक्स स्कूल ऑफ साइबर एंड फॉरेंसिक का उद्घाटन हेमंत प्रियदर्शी, डीजी, साइबर क्राइम ने किया।
इसके अलावा कार्यक्रम में अजय शर्मा, डायरेक्टर, स्टेट फॉरेंसिक लैब बतौर स्पेशल गेस्ट कार्यक्रम में शिरकत की। अपेक्स यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन डॉ. रवि जूनीवाल व वाइस चांसलर ओ.पी. छँगानी ने समस्त गेस्ट्स का वेलकम किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किये। कार्यक्रम के दौरान यूट्यूबर अमित भड़ाना ने स्टूडेंट्स के साथ सक्सेस टिप्स भी शेयर किए।
जयपुर के डीजी, साइबर क्राइम हेमंत प्रियदर्शी का कहना है जब कोई नई तकनीक लॉंच की जाती है तो उसका सदुपयोग बाद में किया जाता और दुरुपयोग पहले किया जाता है। इसका कारण है लोभ लालच और भय, जब तक लालच है तब तक ठगों की मौज है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक चेंज मेकर है लेकिन इसका ग़लत इस्तेमाल करने के लिए लोग आगे आ रहे हैं।
साइबर क्राइम से बचाव के लिए लोगो को सतर्क रहना ज़रूरी है। इंटरनेट का इस्तेमाल अभी और भी ज़्यादा होगा और इसके रोका भी नहीं जा सकेगा। किया जा सकता है तो बस इससे बचाव। इसके लिए टीम तैयार करनी होगी । संख्या में भी और गुणवत्ता में भी। यह एक बड़ी चुनौती है। छात्रों के सिर्फ़ डिग्री लेने से कुछ नहीं होगा उन्हें अपनी स्किल पर काम करना होगा।
अपेक्स स्कूल ऑफ साइबर और फॉरेंसिक का उद्देश्य साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक और संबंधित क्षेत्रों में व्यापक कार्यक्रमों की पेशकश करना है, जिसमें सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव के साथ मिश्रित किया गया है। संस्थान का पाठ्यक्रम तेजी से विकसित हो रहे साइबर खतरों और फॉरेंसिक तकनीकों के परिदृश्य के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
उद्घाटन समारोह में शिक्षा, प्रौद्योगिकी और कानून प्रवर्तन के प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया, जिन्होंने एक सुरक्षित और मजबूत डिजिटल वातावरण को बढ़ावा देने में ऐसी पहलों की आवश्यकता को रेखांकित किया। अपेक्स स्कूल ऑफ साइबर और फॉरेंसिक को स्थापित करना भविष्य के साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि वे हमारे डिजिटल विश्व की रक्षा के लिए अच्छी तरह से तैयार हैं।










