जयपुर, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्वाचन आयोग के खिलाफ अपमानजनक बयान को लोकंतत्र के लिए बेहद शर्मनाक बताया है। भारद्वाज ने पलटवार करते हुए कहा कि डोटासरा के बड़बोलेपन और अनर्गल बयानों से उनकी खीज और बौखलाहट साफ नजर आ रही है। लोकतंत्र की पवित्र संस्थाओं पर इस तरह के ओछे और घिनौने बयान देकर डोटासरा अपनी हताशा को छिपा रहे है। चुनाव परिणाम आने के बाद डोटासरा का अहंकार चूर चूर हो जाएगा।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस के लोग भी कभी कभी किसी राज्य में चुनाव जीत जाते है तब इन्हे लोकतंत्र मजबूत नजर आता है और इनके कुकर्मों से जनता अधिकतर जगह इनको चुनाव हराती है तब यह संवैधानिक सस्थाओं पर झूठा आरोप लगाकर जनमत का अपमान करते हैं। भारत के निर्वाचन आयोग को पंगु और चोर जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित करने वाले डोटासरा शायद ये भूल गए है कि हाल ही में विधानसभा चुनावों में तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में भी इसी निर्वाचन आयोग ने चुनाव करवाए थे। डोटासरा ने इन राज्यों में निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खडे नहीं किए, वहीं दूसरी ओर किसी प्रदेश में अगर भाजपा सरकार सत्ता में आती है तो बौखलाहट में कांग्रेसी नेता निर्वाचन आयोग और ईवीएम का राग अलापना शुरू कर देते है। ऐसे में कांग्रेसी नेताओं के अनर्गल बयान उनकी आतंरिक मनोदशा को दर्शाता है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार भाजपा की प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बन रही है। लोकसभा चुनावों के एक्जिट पोल आने के बाद से ही कांग्रेस पार्टी के प्रदेश स्तरीय नेताओं के साथ केंद्रीय नेताओं की भाषा ही बदल गई। कांग्रेसी नेताओं ने फिर से ईवीएम पर दोषारोपण करना और निर्वाचन आयोग पर मिली भगत के आरोप लगाना शुरू कर दिया।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने कहा कि डोटासरा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के 6 माह के कार्यों पर सवाल उठा रहे है, इन्हें पहले अपनी गिरेबान में झांक कर देखना चाहिए। प्रदेश की जनता ने पिछली कांग्रेस सरकार के 5 साल के कुशासन से त्रस्त होकर ही प्रदेश में भाजपा की डबल ईंजन सरकार को चुना था और वह सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुसार आज काम कर रही हैं। लोकसभा चुनाव में राजस्थान में जनता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास की राजनीति और भजनलाल शर्मा सरकार के महज 6 माह के ऐतिहासिक कार्यों के नाम पर वोट किया है और राजस्थान की 25 की 25 लोकसभा सीटे पुनः जीतने वाली हैं।










