दुनिया से विदा लेने के बाद ‘3 लोगों’ को ‘जिंदगी’ दे गया सत्येंद्र, निभाया अटूट बंधन

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(उजला दर्पण सीनियर रिपोर्टर मध्य प्रदेश)

सत्येन्द्र के लिवर की हार्वेस्टिंग के लिए सहयोग करने मेदांता अस्पताल दिल्ली से विशेषज्ञों की टीम आई थी

जबलपुर  राखी के दो दिन पहले एक गैस डिलेवरी ब्वॉय ने दुनिया से विदा होते-होते रक्षा का अटूट बंधन निभाया। अब उसके अंगों से तीन लोगों को नया जीवन मिल सकेगा। सडक़ दुर्घटना में ब्रेन डेड हुए 31 साल के युवा सत्येंद्र यादव के हार्ट, लिवर और एक किडनी से तीन लोग जीवन की नई रोशनी देख सकेंगे।

ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लिवर भोपाल व हार्ट अहमदाबाद भेजा गया। एक किडनी जबलपुर में ही जरूरतमंद मरीज को दी गई। साल में तीसरी बार जबलपुर में ग्रीन कॉरीडोर बनाया गया। सत्येन्द्र के लिवर की हार्वेस्टिंग के लिए सहयोग करने मेदांता अस्पताल दिल्ली से विशेषज्ञों की टीम आई थी। इसी तरह से हार्ट की हार्वेस्टिंग के लिए अहमदाबाद से टीम पहुंची थी।

6 घंटे में करना होता है प्रयारोपण

बताया गया कि लिवर भोपाल में रहने वाले जोधपुर के कृष्णा व्यास को दिया जाएगा। लिवर को शरीर से निकालने के 6 घंटे के अंदर ही दूसरे शरीर में प्रत्यारोपित करना आवश्यक होता है। इसी में सहयोग करने के लिए मेदांता अस्पताल की टीम जबलपुर में लिवर निकालने की प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए आई थी।

भोपाल के सिद्धांत हॉस्पिटल में लिवर सर्जन डॉ. अरविंद सिंह सोइन ट्रांसप्लांट की जटिल सर्जरी करेंगे। दिल्ली के मरीज कीर्तन व्यास का रजिस्ट्रेशन पहले से ही था, जिसके कारण उन्हें दिल्ली से भोपाल बुलाकर यह ऑपरेशन किया जा रहा है।

डिलेवरी बॉय ब्रेन डेड

गैस एजेंसी में डिलेवरी बॉय सत्येन्द्र का सोमवार को एक्सीडेंट हो गया था। सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में उसे बुधवार रात ब्रेन डेड घोषित किया। परिजन ने सत्येन्द्र के अंगदान का निर्णय लिया। अस्पताल से डुमना एयरपोर्ट के बीच प्रशासन ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया।

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