नागौद सिविल अस्पताल में डॉक्टर की ‘गूढ़ लेखनी’, पर्चा बना पहेली, मरीज और मेडिकल स्टोर दोनों परेशान
सतना (नागौद)। नागौद सिविल अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह—एक डॉक्टर का ऐसा पर्चा जिसे पढ़ना किसी पहेली सुलझाने से कम नहीं। मरीज इलाज के लिए पहुंचा, डॉक्टर ने दवा लिख दी, लेकिन पर्ची ऐसी कि न मरीज समझ पाया, न मेडिकल स्टोर, और न ही कोई दूसरा डॉक्टर।
मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पर्चे में लिखी दवा की भाषा और हैंडराइटिंग इतनी जटिल है कि कोई भी उसे समझ नहीं पा रहा। मरीज का कहना है कि जब मेडिकल स्टोर पर पर्ची दिखाई, तो वहां के कर्मचारी भी असमंजस में पड़ गए।
यह पहला मौका नहीं है। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी यही डॉक्टर इस तरह के “हायरोग्लिफिक” पर्चे लिखते रहे हैं। मगर इस बार मामला इसलिए गंभीर हो गया क्योंकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से साफ निर्देश हैं कि डॉक्टरों को दवा का नाम या तो हिंदी में या साफ-सुथरी अंग्रेजी में लिखना अनिवार्य है, जिससे मरीज को दवा लेने में कोई दिक्कत न हो।
अब सवाल यह उठता है कि जब डॉक्टर की लिखावट ही इलाज में रुकावट बन जाए, तो मरीज जाए तो कहां?
स्वास्थ्य विभाग इस मामले पर क्या रुख अपनाता है, यह देखने वाली बात होगी। क्या विभाग अब चेतेगा या फिर अगली बार किसी और मरीज को परेशानी होने के बाद कार्रवाई होगी?











