जयपुर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने दिल का दर्द बयां किया। समारोह के दौरान उन्होंने कुछ ऐसी बातें कहीं जिससे यह स्पष्ट हुआ कि राजनीति में उनके अनुभवों ने उन्हें काफी कुछ सिखाया है।
राजे ने अपने भाषण में कहा, “पद का मद किसी के भी सिर चढ़ जाता है, परंतु जो पद का मद नहीं करेगा वो ही आगे जा पाएगा।” उनका यह बयान न केवल एक चेतावनी थी बल्कि एक महत्वपूर्ण संदेश भी था कि सत्ता में आने के बाद व्यक्ति को धरातल पर रहकर काम करना चाहिए।

उन्होंने जोर देकर कहा, “राजनीति में आपका काम ही बड़ा होता है, जनता के दिल में जगह मिल पाना ही सच्ची पूंजी है, जिसे यह मिल गया, उसे पद की क्या दरकार?” राजे ने कार्यकर्ताओं की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत ने ही पार्टी को विश्व की बड़ी पार्टी बनाया है।
कार्यकर्ताओं की अहमियत पर जोर
राजे ने मदन राठौड़ से कहा कि उन्हें अब प्रदेशाध्यक्ष के रूप में कार्यकर्ताओं को संभालने का काम करना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को जोड़ने और साथ लेकर चलने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “पार्टी सर्वोपरि है। यदि मन में कुछ खटक भी रहा हो तो उसे पी जाते हैं।”

केन्द्रीय मंत्रियों की अनुपस्थिति पर विचार
समारोह में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, गजेंद्र सिंह शेखावत, और अर्जुन मेघवाल की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही। राठौड़ ने अपने पहले भाषण में ही यह स्पष्ट कर दिया कि मंत्रियों ने वादा किया था परंतु किसी कारणवश नहीं पहुंच पाए। राठौड़ ने अपनी सहजता का परिचय देते हुए कहा, “आज मुझसे चूक हो सकती है मुझे माफ करना।”

राठौड़ ने राजे के गुरु मंत्र को याद रखते हुए कहा कि वे मंच के आदेश को पूरा करेंगे और कार्यकर्ताओं और सरकार के बीच सेतु का काम करेंगे। उनका यह बयान पार्टी में एकता और समर्पण का संकेत देता है।
समारोह की मुख्य बातें:
– वसुंधरा राजे का भावुक संबोधन और कार्यकर्ताओं की सराहना
– मदन राठौड़ की सहजता और नए प्रदेशाध्यक्ष के रूप में उनके विचार
– केंद्रीय मंत्रियों की अनुपस्थिति और राठौड़ की प्रतिक्रिया
समारोह ने भाजपा के आंतरिक संगठन में एकता और समर्पण का संदेश दिया, जिसमें वसुंधरा राजे और मदन राठौड़ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।










