जयपुर, नगर निगम ग्रेटर जयपुर की महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर ने सोमवार को मालवीय नगर जोन के वार्ड नं. 141 स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रूपारामपुरा में स्थित आंगनबाड़ी का दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य बच्चों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करना और उन्हें सफाई के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाना था।
महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर ने बच्चों को “सफाई अपनाओं बीमारी भगाओं” अभियान के तहत स्वच्छता के महत्व को समझाया। उन्होंने बच्चों को हाथ धोने के सही तरीके के बारे में बताया और हाथ धोने की प्रक्रिया को बच्चों के साथ व्यावहारिक रूप से करके भी दिखाया। इसके माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया कि स्वच्छता बीमारियों से बचाव का एक महत्वपूर्ण उपाय है।
महापौर ने बच्चों के साथ संवाद स्थापित किया और उनके साथ गेम भी खेले, जिससे बच्चों में उत्साह और आत्मविश्वास की वृद्धि हुई। इसके साथ ही, उन्होंने आंगनबाड़ी में बच्चों द्वारा की गई पेंटिंग को भी देखा और उनकी प्रतिभा की सराहना की। महापौर ने बच्चों को दिये जाने वाले पोषाहार को भी चख कर देखा, जिससे बच्चों के पोषण की गुणवत्ता का आंकलन किया जा सके।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, अतिरिक्त आयुक्त सीमा कुमार, और उपायुक्त अर्शदीप बराड़ भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी बच्चों के साथ बातचीत की और आंगनबाड़ी की विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण किया।
महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर ने कहा, “बच्चों में स्वच्छता की आदतों को बचपन से ही विकसित करना बहुत महत्वपूर्ण है। इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल बच्चों को स्वच्छता के महत्व से अवगत कराते हैं बल्कि उन्हें स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित भी करते हैं।”
मुख्य बिंदु:
1. महापौर ने “सफाई अपनाओं बीमारी भगाओं” अभियान के तहत बच्चों को स्वच्छता का महत्व समझाया।
2. बच्चों को हाथ धोने का सही तरीका बताया और प्रैक्टिकल डेमो दिया।
3. बच्चों के साथ संवाद स्थापित कर गेम खेले और उनकी पेंटिंग देखी।
4. आंगनबाड़ी में दिए जाने वाले पोषाहार को चखकर उसकी गुणवत्ता की जांच की।
5. महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष और अन्य अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर के इस दौरे ने बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया और उन्हें स्वास्थ्यवर्धक आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया। यह दौरा आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव रहा।










