जयपुर, राजस्थान सूचना आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए, जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के जोन-6 के उपायुक्त के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। यह वारंट असीम मालावत द्वारा दायर एक परिवाद पर जारी किया गया है। इस मामले में मुख्य सूचना आयुक्त मोहन लाल लाठर ने आदेश दिया है कि उपायुक्त को 16 अगस्त को आयोग के समक्ष पेश होना होगा।
मामले का विवरण
असीम मालावत ने एक सूचना के लिए आवेदन किया था, जिसमें उन्होंने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत जानकारी मांगी थी। प्रथम और द्वितीय अपील में भी जब उपायुक्त द्वारा सूचना प्रदान नहीं की गई, तो परिवादी ने राजस्थान सूचना आयोग में परिवाद दायर किया।
परिवादी की दलील
परिवादी के अधिवक्ता भगवत गौड़ ने बताया कि उपायुक्त जोन-6 ने सूचना आयोग के निर्णय के बावजूद सूचना प्रदान नहीं की। इसके परिणामस्वरूप, उपायुक्त को आयोग में उपस्थित होने के लिए कई बार बुलाया गया, लेकिन वह लगातार अनुपस्थित रहे।
आयोग का निर्णय
उपायुक्त की लगातार अनुपस्थिति और सूचना प्रदान न करने के कारण मुख्य सूचना आयुक्त मोहन लाल लाठर ने नाराज होकर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। अब उपायुक्त को 16 अगस्त को आयोग के समक्ष पेश होना अनिवार्य होगा, ताकि मामले की सुनवाई हो सके।
आगे की प्रक्रिया
16 अगस्त को होने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि उपायुक्त ने सूचना प्रदान करने में क्यों देरी की और आयोग के आदेश का पालन क्यों नहीं किया। इस सुनवाई के आधार पर आयोग आगे की कार्यवाही तय करेगा।
यह घटना सूचना के अधिकार के महत्व और इसकी पालना सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सूचना आयोग सूचना के अधिकार की उपेक्षा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से नहीं चूकता।











