जोधपुर | कांग्रेस प्रत्याशी करण सिंह उचियारड़ा ने फलोदी के बैंगटीकला पोलिंग बूथ पर हुई झड़प के मामले में पुलिस-प्रशासन पर आरोप लगाया है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग की। कहा- कांग्रेस के कोई भी आदमी पर अंगुली उठाई तो उसका जवाब अंगुली काटकर दिया जाएगा। उचियारड़ा का सोमवार दोपहर सोशल मीडिया पर शेयर हुआ वीडियो रविवार शाम 5 बजे का फलोदी थाने का है। वे यहां 26 अप्रैल को हुई वोटिंग के दिन 14 कांग्रेसियों को हिरासत में लेने के मामले को लेकर धरने पर बैठे थे।
उचियारड़ा ने लोगों को कहा- न तो मुसलमान, न हिंदू, न सिख, न ईसाई हमारा एक धर्म सिर्फ कांग्रेस है। मैं राजपूत हूं और जुबान देता हूं किसी को नहीं छोडूंगा। अगर भगत सिंह जान दे सकते हैं तो करण सिंह लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए डंडे खा सकता है, जेल जा सकता है। रविवार को उचियारड़ा फलोदी थाने पहुंचे थे। यहां उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ धरना दिया था।
उचियारड़ा ने कहा- अगर वे (पुलिस) न्याय सम्मत बात नहीं कर सकते तो हम भी न्याय सम्मत बात नहीं करेंगे। अगर आप (पुलिस) जैसे लोग न्याय नहीं करेंगे तो कानून हाथ में लेना पड़ेगा, मैं साफ कह रहा हूं। कांग्रेस प्रत्याशी ने कहा- मैंने जिला कलेक्टर, एसपी, आईजी और आला नेताओं ने बात की, लेकिन कोई रास्ता नहीं निकला। इसलिए हमें धरना देना पड़ा। जिस बूथ पर कांग्रेस का 90 प्रतिशत वोट हो उस बूथ पर बाहर से आए लोगों को पकड़ा नहीं और हमारे कार्यकर्ताओं काे गिरफ्तार कर लिया। यह अन्याय नहीं होने देंगे।
उचियारड़ा ने कहा- मैं चाहता था, मुझे फलोदी नहीं जाना पड़े। मेरे बिना जाए ही काम हो जाए, लेकिन इस एसपी (पूजा अवाना) ने मुझे मजबूर किया है। मैं यहां आऊ और धरने पर बैठूं। धारा 144 सिर्फ हमारे लिए लगाई गई थी। इनको चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए। 26 अप्रैल को कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद यह धरना दिया गया था।
आश्वासन के बाद हुआ धरना समाप्त
रविवार देर रात एएसपी विक्रम सिंह भाटी के साथ वार्ता के बाद धरना खत्म करने पर सहमति बनी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की रिपोर्ट पर मामला दर्ज करने, कार्यकर्ताओं से मारपीट करने वाले पुलिसकर्मी को निलंबित करने और निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन देने पर धरना समाप्त हुआ।
क्या था मामला
26 अप्रैल को फलोदी के बैंगटीकला पोलिंग बूथ पर दो गुटों के बीच कहासुनी के बाद पथराव हो गया था। इसके चलते करीब 1 घंटे तक मतदान रुका रहा था। कांग्रेस के 11 कार्यकर्ताओं को शांतिभंग में गिरफ्तार कर लिया गया था। पथराव के बाद पुलिस ने कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं को जानलेवा हमले में गिरफ्तार किया था।












