जबलपुर। नगर निगम की जनसुनवाई आज केवल शिकायतों के निपटारे का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल बन गई। जब एक बुजुर्ग महिला अपनी समस्या लेकर पहुंची, तो निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने न केवल उनकी बात सुनी, बल्कि सम्मानपूर्वक उन्हें अपने पास बैठाकर कहा “माता जी, आइए बगल में बैठकर बताइए क्या समस्या है।“ निगमायुक्त के इस अपनेपन ने जहाँ बुजुर्ग महिला की चिंता दूर कर दी, और मौके पर ही उनकी समस्या का निराकरण कर राहत प्रदान किया।
*मैदान में मुस्तैद प्रशासन*
आज की जनसुनवाई कई मायनों में खास रही, जिसमें ऑन द स्पॉट’ निर्णय लेने पर जोर दिया गया। सुबह 11ः00 बजे से दोपहर 1ः15 बजे तक चली इस सुनवाई में निगमायुक्त ने व्यक्तिगत रूप से 25 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कराया। मुख्यालय के साथ-साथ सभी संभागीय कार्यालयों में भी सुनवाई का आयोजन किया गया, ताकि नागरिकों को दूर न भटकना पड़े। सभी संभागों से प्राप्त 32 आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की गई, जिससे जनता को बड़ी राहत मिली।
*संवेदनशीलता के साथ समाधान*
निगमायुक्त श्री अहिरवार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में आने वाले हर नागरिक, विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांगों की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम का मुख्य उद्देश्य नागरिक सेवाओं को सुगम बनाना है और जनसुनवाई इसी दिशा में एक प्रभावी कदम है।
जनसुनवाई में निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के साथ अपर आयुक्त विद्यानंद बाजपेई, लेखा अधिकारी अशफाक परवेज कुरैशी, जनसुनवाई प्रभारी सहायक आयुक्त वेद प्रकाश, अंकिता जैन, शिवांगी महाजन, इंद्रकुमार वर्मा, दीपक शर्मा, अभिषेक तिवारी, दिग्दर्श, महेश शर्मा, सतीश मिश्रा, असद, प्रदीप व समस्त विभागीय प्रमुख व प्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे ।










