खाटूश्यामजी, सीकर | विशेष रिपोर्ट — उजाला दर्पण | दशहरा मेले के अवसर पर खाटूश्यामजी में आयोजित भव्य म्यूजिक कॉन्सर्ट ने इस बार कुछ अलग ही रंग दिखाया। मंच पर जब राजस्थानी पॉप म्यूजिक गायक ‘माधवम्’ ने कदम रखा, तो पूरा पंडाल तालियों और हूटिंग से गूंज उठा। उनकी ऊर्जा, आवाज़ और प्रस्तुति ने ऐसा माहौल बनाया कि दर्शक देर तक मंत्रमुग्ध होकर उन्हें सुनते रहे।

माधवम् ने अपने नए गीतों और ताज़ा कंपोज़िशन से राजस्थानी लोक-संगीत को एक नए “अर्बन” रंग में पिरो दिया। पारंपरिक सुरों के साथ आधुनिक बीट्स का मेल दर्शकों को बेहद पसंद आया। खाटू और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रोताओं ने कहा कि यह कार्यक्रम उनके लिए “ना भुलाया जाने वाला पल” बन गया।
माधवम् ने उजला दर्पण से बातचीत में बताया कि वे जल्द ही अपनी पहली EP (Extended Play) “Urban Folk” लेकर आ रहे हैं। इसमें उनके लोकप्रिय गीत जैसे ‘नौकरी सरकारी’, ‘अईया कईयां’, ‘बाईसा रा बीरा’ और ‘जान सजनी’ शामिल होंगे। उनका कहना है कि इस एल्बम के ज़रिए वे पारंपरिक राजस्थानी संगीत को नई पीढ़ी की धड़कनों से जोड़ना चाहते हैं।
राजस्थान के संगीत जगत के जानकारों का मानना है कि माधवम् जिस तरह से राजस्थानी पॉप जॉनर को आधुनिक मंच पर प्रस्तुत कर रहे हैं, वह इस क्षेत्र के लिए एक नई दिशा और उम्मीद लेकर आया है। उनकी कला ने साबित कर दिया है कि लोक और पॉप का संगम अब सिर्फ प्र

योग नहीं, बल्कि राजस्थान की नई पहचान बनने जा रहा है।
खाटूश्यामजी का दशहरा मेला हर बार श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक रहा है, लेकिन इस बार माधवम् के संगीत ने इसे युवा जोश और सांस्कृतिक नवाचार का मंच भी बना दिया।










