(उजला दर्पण/रामगोपाल सिंह उईके)
जबलपुर में आदिवासी अधिवक्ता सेवा संघ की बैठक, विस्तारीकरण और अत्याचार-शोषण के खिलाफ बनी रणनीति
जबलपुर, 14 सितंबर।
संस्कारधानी जबलपुर में रविवार को आदिवासी अधिवक्ता सेवा संघ मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारियों की अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में समाज पर हो रहे लगातार अत्याचार, शोषण और अन्याय को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही संघ के विस्तारीकरण के लिए नई रूपरेखा तैयार की गई।
संघ के पदाधिकारी अभिताप धुर्वे ने बताया कि समाज का कोई भी सदस्य — चाहे वह छात्र हो, शासकीय कर्मचारी हो, मजदूर हो या फिर कोई आम नागरिक — यदि किसी भी प्रकार से प्रताड़ित होता है और न्याय पाने में कठिनाई महसूस करता है, तो संघ उसके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि कई बार पीड़ित व्यक्ति थाना, तहसील या कोर्ट तक पहुँचने के बाद भी यह समझ नहीं पाता कि आगे न्याय के लिए कौन-सा रास्ता अपनाना है। ऐसे हालात में संघ पीड़ितों को मार्गदर्शन देगा और न्याय दिलाने में हर संभव सहयोग करेगा।
बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि आदिवासी समाज के अधिकारों, सम्मान और न्याय की लड़ाई को और अधिक सशक्त रूप से लड़ा जाएगा। संघ का लक्ष्य है कि कोई भी आदिवासी व्यक्ति अन्याय का शिकार होकर असहाय महसूस न करे।











