नर्सेज की मुख्यमंत्री से मुलाक़ात, मेरिट+बोनस भर्ती की मांग
जयपुर। राजस्थान नर्सेज भर्ती संघर्ष समिति के आह्वान पर प्रदेशभर के हजारों संविदा और निविदा नर्सिंग कार्मिक आगामी नर्सिंग भर्ती को मेरिट+बोनस के आधार पर कराने की मांग को लेकर नववर्ष को संघर्ष दिवस के रूप में मनाएंगे। आंदोलन के तहत नर्सेज अपने खून से लिखे 10 हजार पोस्टकार्ड मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा मंत्री को भेजेंगे। नर्सेज का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा भर्ती नियमों में प्रस्तावित संशोधन उनके साथ अन्याय है और इससे वर्षों से सेवाएं दे रहे संविदा कार्मिकों के अधिकार प्रभावित होंगे।

भर्ती नियम संशोधन के विरोध में तेज हुआ आंदोलन
संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग नर्सिंग भर्ती नियम 1965 में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। इसके विरोध में शनिवार को प्रदेशभर में नर्सिंग कार्मिकों ने काली पट्टी बांधकर जिला स्तर पर ज्ञापन अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए एक जनवरी को राज्यभर में नर्सेज अपने खून से पोस्टकार्ड लिखकर सरकार तक अपनी मांग पहुंचाएंगे, ताकि शासन का ध्यान नर्सेज की जायज मांगों की ओर आकर्षित किया जा सके।
मेरिट+बोनस भर्ती को लेकर संगठन अडिग
आरएनएयू के अध्यक्ष पवन मीना ने कहा कि भर्ती नियम 1965 में प्रस्तावित संशोधन संविदा नर्सेज के हित में नहीं है। संगठन लगातार मुख्यमंत्री, चिकित्सा मंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों से मुलाकात कर आगामी नर्सिंग भर्ती को मेरिट प्लस बोनस के आधार पर कराने की मांग कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने भर्ती नियम संशोधन पर पुनर्विचार नहीं किया, तो संगठन पूर्ण कार्य बहिष्कार और लगातार धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
नर्सेज संगठनों का कहना है कि मेरिट+बोनस भर्ती से अनुभवी कार्मिकों को न्याय मिलेगा और इससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।










