जयपुर। राजस्थान सरकार की पहल पर इस साल 10 दिसंबर को राजधानी जयपुर में पहली बार आयोजित होने जा रहा प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025 एक भव्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की विशेष दृष्टि से तैयार किए जा रहे इस कार्यक्रम में दुनिया भर के उद्योगपतियों, वैश्विक व्यापार नेताओं और प्रवासी राजस्थानियों का जुटान होगा। राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य वैश्विक मंच पर राजस्थान को निवेश, नवाचार और सांस्कृतिक साझेदारी का प्रमुख केंद्र बनाना है।
इस प्रतिष्ठित आयोजन में प्रवासी भारतीय सम्मान 2023 से सम्मानित और शारदा ग्रुप ऑफ़ कंपनीज़ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित लाठ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इनके साथ नेशनल यूएस-इंडिया चैंबर ऑफ़ कॉमर्स की संस्थापक एवं राजस्थान फाउंडेशन न्यूयॉर्क चैप्टर की अध्यक्ष डॉ. पूर्णिमा वोरिया, ऑल इंडिया मारवाड़ी फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पवन गोयनका और राजस्थान फाउंडेशन सऊदी अरब चैप्टर के अध्यक्ष विजय सोनी भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।
इसके अतिरिक्त आनंद राठी सिक्योरिटीज़ प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन आनंद राठी, विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव महावीर सिंघवी और सीजी कॉर्प ग्लोबल के चेयरमैन डॉ. बिनोद चौधरी भी शामिल होंगे। इन नामचीन हस्तियों की उपस्थिति से राजस्थान और वैश्विक प्रवासी समुदाय के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक सहयोग के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार ने प्रवासी राजस्थानी दिवस के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री स्वयं आयोजन की प्रगति की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। जयपुर के जेईसीसी में सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, प्रोटोकॉल, आतिथ्य, चिकित्सा सेवाओं और आपात व्यवस्थाओं के लिए विस्तृत योजना बनाकर विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
पहले प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान की गई घोषणा का महत्वपूर्ण परिणाम है। यह दिन हर वर्ष प्रवासी राजस्थानियों को उनकी जड़ों से जोड़ने, राज्य विकास में उनकी भागीदारी बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर राजस्थान की पहचान मजबूत करने के लिए समर्पित होगा। राजस्थान फाउंडेशन की लीडरशिप में आयोजित यह दिवस दुनिया भर में बसे प्रवासी राजस्थानियों को एक साझा मंच देकर निवेश, नवाचार, सांस्कृतिक उत्सव और वैश्विक साझेदारी के नए मार्ग खोलेगा।
यह आयोजन न केवल राजस्थान की बढ़ती आर्थिक गति का प्रदर्शन करेगा, बल्कि वैश्विक मंच पर राजस्थानियों की उपलब्धियों को सम्मान देने का भी अवसर प्रदान करेगा। सरकार का विश्वास है कि प्रवासी समुदाय के सहयोग से राज्य विकास की गति और तेज होगी तथा राजस्थान को नए वैश्विक अवसरों से जोड़ने में यह आयोजन मील का पत्थर साबित होगा।










