गुड़हल के पौधें को गर्मी में भी दो ठंडक

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गर्मी के दस्तक देते ही इंसान परेशान हो जाता है और सूरज इंसान की सारी हिम्मत को लू के थपेड़ों में गायब कर देता है । लेकिन गार्मिंस सिर्फ इंसान ही नही पेड़-पौधे भी परेशान हो जाते है। आज हम इस आर्टिकल में बात करेंगे गुड़हल के पौधे की, जो ज्यादा गर्मी से मुरझाने लगते हैं और इसमें फूल खिलने भी बंद हो जाते हैं। लेकिन आज हम आपको गुड़हल के पौधों में गर्मी में डाले जाने वाले खाद के बारे में बताने वाले है, जो उसको ठंडक देने के साथ-साथ उसे हरा-भरा भी रखती है ।  और सबसे बड़ी बात इस खाद की ये है की ये घर पर आसानी से बनाई जा सकती है जिससे खर्चा भी कम आता है ।
आपको जानकर हैरानी होगी कि गुड़हल के पौधें में अगर फल के छिलके को डाला जाता है तो ये पौधे को बढ़ने में मदद करता है । अब आप सोचेंगे गुड़हल के पौधें में आखिर कौनसे फल का छिलका डालें । इस पौधें को ठंडा बनाने के लिए केले के छिलके के साथ साथ बस धूप वाली जगह की जरूरत पड़ती है । अगर इसके स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस की बात करे तो
1. सबसे पहले केले के छिलकों को धोकर पतले-पतले टुकड़ों में काट लें। इसके बाद, 4-5 दिनों  तक छिलकों को पूरी तरह सूखने दें।

2. इस सूखे छिलकों को मिक्सर या ग्राइंडर में पीसकर बारीक पाउडर बना लें।
3, अब आप गुड़हल के पौधे के पास वाली मिट्टी में एक मुट्ठी केले के छिलके का पाउडर मिला दें फिर, मिट्टी में हल्का पानी डालें, हर 3 सप्ताह में इस प्रक्रिया को दोहराएं। आप देखेंगे कि मुरझाए हुए पौधे में फिर से जान आ गई है।

गुड़हल के पौधें की देख रेख़
गुड़हल के पौधे को लगाते वक्त सही मिट्टी लगाने के साथ-साथ आपको 4-6 महीने में दोबारा पौधे की मिट्टी बदलनी चाहिए।  इसके बाद मिट्टी में खाद आदि मिलाएं और उसे फ्रेश कर दें। इस ट्रिक की मदद से गुड़हल के पौधे से जुड़ी आदी परेशानियों खत्म हो जाएंगी।

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